चंडीगढ़ GMCH में MBBS सीटें 150 से बढ़कर 200 हुईं; राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने दी मंजूरी, मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर

चंडीगढ़ GMCH में MBBS सीटें 150 से बढ़कर 200 हुईं; राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने दी मंजूरी, मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर

GMCH Chandigarh Gets NMC Approval to Increase MBBS Seats from 150 to   200

GMCH Chandigarh Gets NMC Approval to Increase MBBS Seats from 150 to 200

Chandigarh GMCH-32 MBBS Seats: एमबीबीएस डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए एक अच्छी खबर आई है. चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में MBBS सीटें 150 से बढ़ाकर अब 200 कर दी गई हैं. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने GMCH में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की वार्षिक प्रवेश क्षमता को 150 से बढ़ाकर 200 सीटें करने की स्वीकृति प्रदान की है. यह वृद्धि शैक्षणिक सत्र 2026–27 से प्रभावी होगी. जिससे मेडिकल स्टूडेंट्स अब ज्यादा संख्या में प्रवेश ले पाएंगे.

चिकित्सा शिक्षा को बड़ी मजबूती

जीएमसीएच चंडीगढ़ प्रशासन ने इस स्वीकृति का स्वागत करते हुए इसे संस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है. MBBS सीटें बढ़ाने की मंजूरी पर जीएमसीएच प्रशासन ने कहा कि यह कदम क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा को बड़ी मजबूती देने वाला है. यह स्वीकृति स्नातक चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा जीएमसीएच चंडीगढ़ द्वारा दी जा रही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा तक अधिक विद्यार्थियों की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. 50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटें जुड़ने से अधिक संख्या में मेधावी विद्यार्थियों को उत्तर भारत के अग्रणी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में से एक जीएमसीएच चंडीगढ़ में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.

जीएमसीएच प्रशासन ने आगे कहा, यह मंजूरी संस्थान द्वारा उच्च शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने, आवश्यक अधोसंरचना को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों का निरंतर अनुपालन सुनिश्चित करने के प्रयासों का परिणाम है. जीएमसीएच प्रशासन ने कहा कि इससे दक्ष, संवेदनशील और कुशल चिकित्सकों के निर्माण में संस्थान की भूमिका और अधिक मजबूत होगी। साथ ही, बढ़ी हुई प्रवेश क्षमता से भविष्य में योग्य चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी तथा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.

बता दें कि MBBS सीटें बढाने को लेकर अक्सर मेडिकल स्टूडेंट्स मांग उठाते रहते हैं. स्टूडेंट्स का कहना है कि सीटें कम है और सीटों फाइट ज्यादा है. देश में मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार लगातार MBBS सीटों की संख्या बढ़ा रही है. नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और मौजूदा कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का काम जारी है. इसका उद्देश्य अधिक छात्रों को डॉक्टर बनने का अवसर देना और देश में डॉक्टरों की कमी को दूर करना है. बढ़ती MBBS सीटों से मेडिकल प्रवेश की संभावनाएं भी पहले की तुलना में बेहतर हुई हैं.

ज्ञात रहे कि भारत में MBBS में प्रवेश NEET-UG परीक्षा के आधार पर होता है. सबसे पहले उम्मीदवार को NEET-UG में शामिल होकर निर्धारित कटऑफ के अनुसार क्वालिफाई करना होता है. इसके बाद उम्मीदवार ऑल इंडिया कोटा (15%) और स्टेट कोटा (85%) की काउंसलिंग में भाग ले सकते हैं. सीटों का आवंटन NEET रैंक, उम्मीदवार की पसंद (Choice Filling), आरक्षण नियम और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाता है. काउंसलिंग के बाद सीट मिलने पर दस्तावेज़ सत्यापन और फीस जमा करने के बाद संबंधित मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पूरा होता है. यानि MBBS में प्रवेश NEET-UG की मेरिट और काउंसलिंग प्रक्रिया के आधार पर है.

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